Tuesday, 29 March 2011

                                                               बिरादरी
अपनी  जाति- बिरादरी की बात हर कोई करता है / उसमे भी यदि हमारे- आपके जाति बिरादरी का कोई शख्स उचे पद पर  या नामचीन हो तो गर्व होना स्वाभाविक है / ऐसे ही बिरादरी की बात करके हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे है / हम बात कर रहे है अलोक तोमर जी की / मैंने अलोक जी को न देखा न पूर्व में पढ़ा लेकिन उनके मृत्यु उपरांत हर पत्र - पत्रिका , न्यूज़ चैनेल , पोर्टल व् भड़ास पर उनके बारे में लोगो ने लिखा था / जिन लोगो ने उनके साथ अपने पल गुजारे थे वे उनके विचार व् अनुभवों को लिखा / कुछ लोगो ने उनके जीवन शैली पर प्रकाश डाला / उसी लेख में भड़ास पर श्री विजय शंकर चतुर्वेदी की एक लेख अलोक जी के बारे में लिखा था जो मेरे दिल को छू गया / लेख में श्री  चतुर्वेदी जी ने लिखा था की नैनीताल के रामगढ में अलोक जी ने अपना प्लाट इस लिए नहीं ख़रीदा था की उन्हें माधव राव सिंधिया या बिरला परिवार ने आकर्षित किया हो बल्कि उन्होंने वहा वह प्लाट वंहा के वातावरण व् फूलो - फलो  की उस घटी ने जिसकी आधात्मिक उर्जा को महसूस कर कभी गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर और कवित्री महादेवी वर्मा ने वहा ठिकाने बनाये , उन्हें अपनी ओर खीचा / इससे पता चलता है की तोमर जी कितने  अध्यात्मिक  थे  / आज अलोक जी भले ही हमारे बीच nahi  है  लेकिन मुझे इस बात का गर्व है की मैंने अपने प्रोफेशन में पत्रकारिता को चुना और एक पत्रकार होने के नाते पत्रकार बिरादरी के हिसाब से महान शख्सियत स्वर्गीय अलोक जी से मै जुड़ गया / मै ऐसे महान शख्सियत को बार-बार नमन करता हूँ /  

Monday, 28 March 2011


न्यूज़ पोर्टलो ने पूरे विश्व में क्रांति मचा रखी है / विकिलीक्स ने सभी देशो के गोपनीय दस्तावेज व वार्तालाप  सार्वजानिक कर तहलका मचा दिया है / मिश्र  की क्रांति हो या त्रिनिदाद में राष्टप्रति का चुनाव फेसबुक के जबरदस्त इस्त्तेमाल ने संवाद कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है /    शांतनु बिस्वास  

Saturday, 26 March 2011

हमें सोनभद्र के पत्रकारों की स्थिति के बारे में सोचना है.