........और आखिर हो गए खल्लास
मुंबई में अपनी खोजी पत्रकारिता के जरिये अंडरवर्ल्ड को नाको चने चबवाने वाले जे0 डे की दिनदहाड़े हुयी हत्या से न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरा देश आहत व् दुखी है | जिस प्रकार जंगलो में रह कर एक व्यक्ति जानवरों व् पक्षियों की बोली व् भाषा जन जाता है ठीक उसी प्रकार मुंबई में रहकर अपनी खोजी पत्रकारिता के जरिये अंडरवर्ल्ड को बहुत अच्छी तरह से जान गए थे और उन्होंने अंडरवर्ल्ड के बारे में कई खबरे भी लिखी , शायद यह बहुत कम ही लोग जानते है कि अंडरवर्ल्ड में प्रयोग होने वाले कोड शब्द खल्लास को जे ० डे ने ही अपनी लेख में लिखकर देश दुनिया को बताया था | जिसके बाद अंडरवर्ल्ड के लोगो ने खल्लास शब्द के इस कोड को प्रयोग में लेना बंद कर दिया था | लेकिन जे ० डे को क्या पता था कि एक दिन उसी खाल्स के खेल में वे स्वम फंस जायेंगे |
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